नई दिल्ली: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने पहली बार भारतीय वायु सेना के ऐतिहासिक ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर एक विशेष शिक्षण मॉड्यूल जारी किया है। इसे कक्षा 3 से 12 तक के छात्रों के लिए पूरक अध्ययन सामग्री के रूप में तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को भारत की सैन्य शक्ति, रणनीतिक क्षमताओं और राष्ट्र की अखंडता बनाए रखने में सेना की भूमिका से परिचित कराना है।
पाकिस्तान की भूमिका पर सीधा आरोप
मॉड्यूल में स्पष्ट तौर पर बताया गया है कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुआ आतंकी हमला पाकिस्तान के सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व के निर्देश पर अंजाम दिया गया था। भले ही पाकिस्तान ने इसमें अपनी संलिप्तता से इनकार किया हो, लेकिन NCERT ने इसे पाकिस्तान की सोची-समझी साजिश बताया है।
इसके जवाब में भारतीय वायु सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान के कंट्रोल सेंटर्स, राडार, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, रनवे और विमानों के हैंगर को निशाना बनाकर पूरी तरह तबाह कर दिया।
सैन्य कार्रवाई से आगे की बात
मॉड्यूल में इस ऑपरेशन को सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि शांति की रक्षा और शहीदों के सम्मान में उठाया गया कदम बताया गया है। इसमें यह भी कहा गया है कि इस ऑपरेशन ने पाकिस्तान की वायु सुरक्षा व्यवस्था में ऐसी दरार डाल दी, जिसे पूरी दुनिया ने महसूस किया। इसे एक साथ सैन्य, तकनीकी और राजनीतिक सफलता के रूप में पेश किया गया है।
दो चरणों में जारी की गई सामग्री
- कक्षा 3 से 8 तक के छात्रों के लिए सामग्री को सरल, प्रेरणादायक भाषा में तैयार किया गया है, जिससे छोटे बच्चे इसे सहजता से समझ सकें।
- कक्षा 9 से 12 के लिए यह मॉड्यूल अधिक विस्तृत, विश्लेषणात्मक और भावनात्मक दृष्टिकोण से लिखा गया है। इसमें शिक्षक और छात्रों के बीच संवाद आधारित शैली अपनाई गई है, जिससे केवल जानकारी नहीं, बल्कि देशभक्ति, नैतिकता और संवेदनशीलता भी विकसित हो सके।
विशेषज्ञों की राय
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि NCERT की यह पहल विद्यार्थियों में राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति चेतना बढ़ाने और उनमें राष्ट्रभक्ति की भावना मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह मॉड्यूल छात्रों को केवल घटनाओं की जानकारी नहीं देगा, बल्कि उन्हें देश की रक्षा में बलिदान और साहस की गहराई से समझ भी प्रदान करेगा।